Tuesday, August 25, 2009

|| जाणता राजा ||


हे हिन्दवी स्वराज्य व्हावे ही श्रींची इच्छा !!

इन्द्र जिमि जृम्भा पर
बाडव सअंभ पर
रावण सदंभ पर
रघुकुल राज है !

पवन बारिबाह पर
संभु रतिनाह पर
ज्यों सहसबाह पर
राम द्विजराज हैं !

दावा दृमदंड पर
चीता मृगझुन्द पर
भूषण वितुण्ड पर
जैसे मृगराज हैं !

तेज तमअंस पर
कन्ह जिमि कंस पर
त्यों म्लेंच्छ बंस पर
शेर शिवराज हैं !

(मराठी अभिमान)


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